#1
ताकत अपने शब्दों में डालो, आवाज़ में नहीं, क्योंकि फसल बारिश से उगती है बाढ़ से नहीं !
#2
निगाहों में मंजिल थी, गिरे और गिरकर संभलते रहे, हवाओं ने बहुत कोशिश की, मगर चिराग आँधियों में जलते रहे !
ताकत अपने शब्दों में डालो, आवाज़ में नहीं, क्योंकि फसल बारिश से उगती है बाढ़ से नहीं !
निगाहों में मंजिल थी, गिरे और गिरकर संभलते रहे, हवाओं ने बहुत कोशिश की, मगर चिराग आँधियों में जलते रहे !
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